
120W/cm शक्ति वाले पारा-यूवी लैंपों की वास्तविकता
हम अपने मानक पारा-यूवी लैंपों में 120W/cm की शक्ति सुनिश्चित करते हैं। यदि आप उच्च-गति वाली सुखाने की प्रक्रियाओं का उपयोग कर रहे हैं, तो यही सबसे उपयुक्त विकल्प है। ऐसे लैंपों से पॉलिमरों को कुछ ही सेकंडों में आपस में जोड़ने हेतु आवश्यक ऊर्जा प्राप्त होती है।
लेकिन बस शक्ति बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। वास्तविक चुनौती तो पूरे लैंप में एकसमान रोशनी सुनिश्चित करना है। कोई भी ऐसी स्थिति नहीं चाहेगा, जिसमें लैंप के किसी हिस्से में रोशनी कम हो जाए, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता प्रभावित हो।
गर्मी से निपटना
120W/cm शक्ति के कारण गर्मी सबसे बड़ी समस्या बन जाती है। ऐसे लैंपों में प्लाज्मा आर्क बनाए रखने हेतु बहुत अधिक गर्मी उत्पन्न होती है। यदि कूलिंग सिस्टम ठीक से काम न करे, तो लैंप जल सकता है, या क्वार्ट्ज सामग्री नष्ट हो सकती है।
इस समस्या से बचने हेतु हम उच्च-गुणवत्ता वाले क्वार्ट्ज का उपयोग करते हैं। यह सामग्री उच्च तापमान को भी सहन कर सकती है।
CE प्रमाणन के महत्व
कई आपूर्तिकर्ता CE प्रमाणन को सिर्फ एक औपचारिकता मानते हैं। लेकिन हमारे लिए यह एक तकनीकी मानक है।
उच्च-वोल्टेज वाले यूवी लैंपों से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस उत्पन्न हो सकता है; ऐसी स्थिति में PLC कंट्रोलर या सेंसरों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
CE-प्रमाणित लैंपों का परीक्षण इसलिए किया जाता है, ताकि वे अन्य उपकरणों के साथ ठीक से काम कर सकें। ऐसे लैंपों का उपयोग यूरोप या उत्तरी अमेरिका में भी किया जा सकता है, बिना किसी समस्या के।
समझौते
कुछ भी मुफ्त में नहीं मिलता। उच्च शक्ति के साथ ही कुछ नुकसान भी होते हैं – ऐसे लैंपों की आयु कम होती है।
आपको तो गति मिलती है, लेकिन लैंपों को अक्सर बदलना पड़ता है। यह एक संतुलन की समस्या है… आपको अपनी उत्पादन गति एवं लैंपों की गुणवत्ता के बीच संतुलन बनाना होगा।